हनुमान चालीसा लिखित में (पूरा पाठ)
॥ दोहा ॥
श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि॥
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार॥
॥ चौपाई ॥ 1 से 10
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥
महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा॥
हाथ बज्र और ध्वजा बिराजै।
काँधे मूँज जनेऊ साजै॥
संकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग बंदन॥
बिद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लषन सीता मन बसिया॥
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा॥
भीम रूप धरि असुर सँहारे।
रामचंद्र के काज सँवारे॥
॥ चौपाई ॥ 11 से 20
लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा॥
जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते।
कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा॥
तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
लंकेस्वर भए सब जग जाना॥
जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥
दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥
॥ चौपाई ॥ 21 से 30
राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥
सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रच्छक काहू को डर ना॥
आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हाँक तें काँपै॥
भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै॥
नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥
सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा॥
और मनोरथ जो कोइ लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै॥
चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा॥
साधु संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे॥
॥ चौपाई ॥ 31 से 40
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता॥
राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा॥
तुम्हरे भजन राम को पावै।
जनम जनम के दुख बिसरावै॥
अंत काल रघुबर पुर जाई।
जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई॥
और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई॥
संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥
जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरु देव की नाईं॥
जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई॥
जो यह पढ़ै हनुमान चलीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥
॥ दोहा ॥
पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लषन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥
ध्यान दें: यह पाठ गीता प्रेस, गोरखपुर के संस्करण के अनुसार है, और हर पंक्ति उससे मिलाकर जाँची गई है। कई किताबों और भजनों में कुछ शब्द थोड़े अलग मिलते हैं, जैसे “और” की जगह “अरु”, “संकर” की जगह “शंकर”, “लषन” की जगह “लखन”, “रच्छक” की जगह “रक्षक” और “चलीसा” की जगह “चालीसा”। दोनों तरह से पाठ किया जाता है, दोनों ठीक हैं।
॥ जयघोष ॥
बोलो ..
॥ सियावर रामचंद्र की जय ॥
॥ पवनसुत हनुमान की जय ॥
॥ उमापति महादेव की जय ॥
॥ वृंदावन कृष्ण चंद्र की जय ॥
॥ बोलो भाई सब संतन की जय ॥
॥ इति ॥
चालीसा पढ़ने के बाद बहुत से भक्त हनुमान जी की आरती भी करते हैं। हर चौपाई का आसान अर्थ जानना हो, तो नीचे वाला बटन दबाएँ।
हनुमान चालीसा PDF हिंदी में
ऊपर वाला पूरा पाठ PDF में भी है। एक पेज वाली PDF फोन में रखने और प्रिंट करने के लिए ठीक है। दो पेज वाली PDF में अक्षर बड़े हैं, उसे पढ़ने में आसानी होती है।
हनुमान चालीसा लिखित में फोटो
पूरी चालीसा दो फोटो में है। फोटो पर टैप करें और फोन की गैलरी में सेव कर लें।


दूसरी भाषाओं में PDF चाहिए, तो 12 भाषाओं की PDF एक ही जगह मिल जाएँगी।
हनुमान चालीसा का पाठ कैसे करें
पाठ के लिए कोई कठिन नियम नहीं है। बस इन आसान बातों का ध्यान रखें:
- नहा-धोकर या हाथ-मुँह धोकर साफ़ जगह पर बैठें।
- सामने हनुमान जी की फोटो या मूर्ति रखें और दीया या अगरबत्ती जलाएँ।
- मन में श्रीराम और हनुमान जी का ध्यान करें, फिर पहले दोहे से पाठ शुरू करें।
- धीरे और साफ़ बोलें। जल्दी न करें, हर चौपाई पर ध्यान रहे।
- आखिरी दोहा पढ़कर पाठ पूरा करें और हनुमान जी को प्रणाम करें।
कब पढ़ें, कितनी बार पढ़ें और किन बातों का ध्यान रखें, यह पाठ के सही समय वाले पेज पर विस्तार से लिखा है।
हनुमान चालीसा हिंदी में सुनें
पाठ करते समय साथ में ऑडियो चला सकते हैं। इससे चौपाइयों की लय जल्दी पकड़ में आ जाती है।
हनुमान चालीसा वीडियो
वीडियो के साथ भी पाठ कर सकते हैं। नीचे दिया वीडियो यहीं चल जाएगा।
हनुमान जी की फोटो
फोन के वॉलपेपर या घर के मंदिर के लिए हनुमान जी की फोटो यहाँ से डाउनलोड करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हनुमान चालीसा को लेकर लोग अक्सर ये सवाल पूछते हैं।






